ख्वाब मेरे नन्हे नन्हे छोटे छोटे उड़ते है उमड़ते है
छूने को आसमान
पाने को एक पहचान
सैलाब जैसे उठते है
ख्वाब मेरे नन्हे नन्हे छोटे छोटे उड़ते है उमड़ते है
इन्द्रधनुष के रंगो से चमकते है
कभी गीली मिटटी कि खुशबु में पिघलते है
देख के आंसू दिल में सिमटते है
तो कभी सपनो के बादलो में मचलते है
ख्वाब मेरे नन्हे नन्हे छोटे छोटे उड़ते है उमड़ते है
शुक्रवार, मार्च 24, 2017
ख्वाब मेरें
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ख्वाब मेरे नन्हे नन्हे छोटे छोटे उड़ते है उमड़ते है छूने को आसमान पाने को एक पहचान सैलाब जैसे उठते है ख्वाब मेरे नन्हे नन्हे छोटे छोटे उड़त...
Nice
जवाब देंहटाएंशुक्रियां
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